
استاد سید مهدی میرمعزی
1405/03/0123:05
| 1 | کفایه1 | 1403-1404 | 97 | 98 | 98 | 98 | 193 | 192 | 1 | 0 |
| 2 | کفایه1 | 1402-1403 | 98 | 98 | 98 | 98 | 300 | 299 | 1 | 0 |
| 3 | کفایه1 | 1401-1402 | 114 | 115 | 115 | 115 | 340 | 332 | 8 | 0 |
| 4 | کفایه4 | 1404-1405 | 72 | 61 | 61 | 61 | 115 | 115 | 0 | 0 |
| 4 | 381 | 372 | 372 | 372 | 948 | 938 | 10 | 0 | ||
| 5 | مکاسب6 | 1404-1405 | 106 | 114 | 114 | 114 | 207 | 207 | 0 | 0 |
| 6 | مکاسب5 | 1403-1404 | 136 | 137 | 137 | 137 | 263 | 260 | 3 | 3 |
| 7 | مکاسب5 | 1402-1403 | 34 | 33 | 33 | 33 | 43 | 43 | 0 | 0 |
| 8 | مکاسب4 | 1401-1402 | 95 | 99 | 96 | 99 | 144 | 143 | 1 | 0 |
| 9 | مکاسب3 | 1400-1401 | 98 | 98 | 100 | 98 | 170 | 116 | 54 | 3 |
| 10 | مکاسب2 | 1399-1400 | 93 | 89 | 89 | 89 | 314 | 163 | 151 | 0 |
| 6 | 562 | 570 | 569 | 570 | 1141 | 932 | 209 | 6 | ||
| 11 | رسائل5 | 1400-1401 | 100 | 100 | 100 | 100 | 125 | 125 | 0 | 0 |
| 12 | رسائل4 | 1399-1400 | 109 | 109 | 109 | 109 | 204 | 181 | 23 | 3 |
| 2 | 209 | 209 | 209 | 209 | 329 | 306 | 23 | 3 | ||
| 12 | 1152 | 1151 | 1150 | 1151 | 2418 | 2176 | 242 | 9 | ||
